All the best Abhi n Sam for your future endeavors...!!! :-)
रूके से कदम
थर-थराते हाथ
बढती धडकने
छूटता अपनों का साथ...
भीगी हुई पलकें
बेचैनीसी दिलमें
धुंदली हुई मंजिल
न आता कुछ समझमें...
अलगसी दुनियामें
एक नया सफर
साथ देने के लिए
अंजाने हमसफर...
थोडीसी घबराहट
थोडी अपनी जिद लिए
चल पडें है हम
जीतने कि हिम्मत लिए...
बीते हुए लमहो को
दिल में बसाकर
यादों के समुंदर मे
हल्कीसी डुबकी लगाकर...
ख्वाबों के परिंदे
अब उडान भरेंगे
अपने काबिल पंखोसे
नए जहाँ कि सैर करेंगे...
अपनी सोई ख्वाहिशों को
जगाने का वक्त है
आशाओं कि पूर्ती का
यही सुनहरा पल है...!!!
आशाओं कि पूर्ती का
यही सुनहरा पल है...!!!
Well written Rahul!
ReplyDeleteThanks avi... :-)
ReplyDeleteVery nicely written Rahul :-)
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